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Wednesday, 7 October 2026

राजस्थान सरकार आदेश 2026: विश्राम भवनों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के कार्य और दायित्व

राजस्थान सरकार: सामान्य प्रशासन (ग्रुप-5) विभाग का आधिकारिक आदेश
राजस्थान सरकार के सामान्य प्रशासन (ग्रुप-5) विभाग ने एक नया आदेश (क्रमांक: प.11(1)साप्र/5/2026पार्ट 2) जारी किया है, जिसमें विश्राम भवनों में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के राजकीय दायित्वों को विस्तार से निर्धारित किया गया है।  

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अनुमत राजकीय कार्यों की सूची:
आदेश के अनुसार, इन कर्मचारियों को निम्नलिखित कार्य सम्पादित करने होंगे:  

भवन के स्वागत कक्ष, लॉबी और बैठक की सफाई एवं डस्टिंग करने का कार्य।  

स्थापित ऑफिसेज को खोलने और बंद करने, तथा वहां सफाई, डस्टिंग और व्यवस्थित करने का कार्य।  

अतिथियों को पानी पिलाना और प्रबन्धक द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुसार कार्य करना। 
 
भवन के अतिथि कक्षों की सफाई, झाड़ू-पौंछा, लिनन बदलना, बेड मेकिंग, डस्टिंग, वाटर जग में पानी भरना एवं अतिथियों के कक्ष से संबंधित अन्य कार्यों को सम्पादित करना।  

अतिथि के सामान को लाने और ले जाने का कार्य।  

किचन स्टोर एवं स्थाई स्टोर में आने वाले सामान को लाने का कार्य।
  
विभिन्न विभागों से किये जाने वाले पत्राचार की डाक सुपुर्दगी का कार्य।  

ट्रेजरी एवं बैंक से संबंधित कार्य तथा अन्य बाजार के कार्य।  

पैन्ट्री हेल्पर के रूप में कार्य करना एवं पैन्ट्री के बर्तन क्लीयर करने का कार्य।  

भवन की सुरक्षा का दायित्व इत्यादि निभाना।  
महत्वपूर्ण निर्देश:
राजस्थान सर्किट हाउस मैनुअल, 2023 के अध्याय-6 के बिन्दु संख्या 47 के अनुसार, अतिथियों को बेहतर सेवा उपलब्ध कराने के लिए प्रबंधक आवश्यकता के अनुसार चतुर्थ श्रेणी संवर्ग के कार्मिकों की सेवाएँ उपरोक्त सूची के अनुसार ले सकते हैं।  
अतः चतुर्थ श्रेणी कार्मिक, वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर दिए गए आदेश एवं निर्देशों के अनुसार सर्किट हाउस से संबंधित कार्य सम्पादित करेंगे।  

आदेश जारीकर्ता:(दाताराम) संयुक्त शासन सचिव, राजस्थान सरकार  

Tuesday, 6 October 2026

राजस्थान संविदा सफाई कर्मचारी भर्ती में बड़ा बदलाव: 24,752 पदों के लिए अब बिना 'अनुभव प्रमाण पत्र' के कर सकेंगे आवेदन

राजस्थान में सरकारी नौकरी की राह देख रहे युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन विभाग, जयपुर ने प्रदेश की 183 नगरीय निकायों में होने वाली 24,752 संविदा सफाई कर्मचारियों की भर्ती के नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है।  

विभाग द्वारा 6 अक्टूबर 2026 को एक शुद्धि पत्र (संख्या 02/2026) जारी किया गया है, जिसके तहत अब इस बड़ी भर्ती में आवेदन करने के लिए अनुभव प्रमाण पत्र (Experience Certificate) की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है।  

हाईकोर्ट के आदेश के बाद विभाग ने जारी किया शुद्धि पत्र
यह महत्वपूर्ण फैसला माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर पीठ द्वारा 25 सितंबर 2026 को विभिन्न सिविल रिट याचिकाओं पर दिए गए निर्णय के बाद लिया गया है। स्वायत्त शासन विभाग द्वारा जारी नए आदेश में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि:  
अब सभी आवेदनकर्ता बिना किसी अनुभव प्रमाण पत्र के संविदा सफाई कर्मचारी भर्ती में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।  
भर्ती विज्ञापन की अन्य सभी शेष शर्तें पहले की तरह ही यथावत रहेंगी।  
अखबारों और वेबसाइट पर दी जाएगी सूचना
स्वायत्त शासन विभाग के अतिरिक्त निदेशक ने सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग को निर्देश दिए हैं कि इस शुद्धि पत्र का प्रकाशन 7 अक्टूबर 2026 को राज्य के प्रमुख समाचार पत्रों (राजस्थान पत्रिका और दैनिक भास्कर) के सभी संस्करणों में करवाया जाए। इसके साथ ही, इस विज्ञप्ति को विभागीय वेबसाइट पर भी जल्द से जल्द अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।  

यह नया आदेश उन हजारों उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है, जो अनुभव प्रमाण पत्र न बन पाने के कारण इस 24,752 पदों वाली विशाल भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने से चिंतित थे। अब वे बिना किसी रुकावट के अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकेंगे।

राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी: SBI दे रहा 100 लाख का मुफ्त बीमा और कई शानदार बैंकिंग लाभ !

राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें (जन स्वास्थ्य) विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, राजस्थान सरकार के बीच 02 सितंबर 2026 को एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) हस्ताक्षरित किया गया है। इस समझौते के तहत विभाग के कर्मचारियों को राज्य सरकार वेतन पैकेज (State Government Salary Package - SGSP) के अंतर्गत शानदार बैंकिंग सुविधाएं और करोड़ों रुपये का मुफ्त बीमा कवर प्रदान किया जा रहा है।  

SBI जल्द ही प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों, क्षेत्रीय कार्यालयों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इन सुविधाओं की जानकारी देने के लिए जागरूकता शिविर (Camps) भी आयोजित करने जा रहा है।  
आइए जानते हैं SBI Salary Account (SGSP) के अंतर्गत कर्मचारियों को मिलने वाले विशेष लाभों के बारे में विस्तार से:

1. शानदार बीमा एवं दुर्घटना सुरक्षा (Insurance Benefits)
इस पैकेज के तहत कर्मचारियों को भारी-भरकम बीमा कवर बिल्कुल मुफ्त मिल रहा है:
दुर्घटना मृत्यु (Accidental Death): ₹100.00 लाख (1 करोड़ रुपये) का कवर।  
हवाई यात्रा के दौरान दुर्घटना मृत्यु: ₹160.00 लाख का कवर।  
स्थायी पूर्ण विकलांगता: ₹100.00 लाख का कवर।  
स्थायी आंशिक विकलांगता: ₹80.00 लाख तक का कवर।  
समूह सावधि जीवन बीमा (Group Term Life - GTL): सामान्य बीमारी अथवा अन्य कारणों से मृत्यु होने की स्थिति में ₹10.00 लाख तक का जीवन बीमा कवर। इस GTL कवर के लिए विभाग द्वारा पात्र कर्मचारियों की सूची (Single Point of Contact के माध्यम से) SBI को उपलब्ध करवाई जाएगी।  
​2. बेहतरीन बैंकिंग सुविधाएं (Zero Cost Banking)
​सैलरी अकाउंट (Salary Account) में कोई न्यूनतम बैलेंस (Minimum Balance) रखने की आवश्यकता नहीं है।  
​मोबाइल बैंकिंग (Mobile Banking), इंटरनेट बैंकिंग (Internet Banking) और डेबिट कार्ड (Debit Card) की सुविधा बिल्कुल मुफ्त।  
​नया ATM जारी करने का शुल्क और वार्षिक रखरखाव शुल्क (AMC) - शून्य।  
​प्रतिवर्ष 25 चेक लीव्स (Cheque Leaves) निःशुल्क।  
​ऑटो स्वीप (Auto Sweep) सुविधा: खाते में तय सीमा से अधिक राशि होने पर वह स्वतः फिक्स्ड डिपॉजिट (Term Deposit) में बदल जाएगी, जिससे आपको सामान्य बचत खाते से अधिक ब्याज मिलेगा।  
​लॉकर सुविधा: Rhodium, Platinum और Diamond श्रेणी के सैलरी अकाउंट पर लॉकर के किराये में 50% तक की भारी छूट।  

​3. परिवार के लिए 'SBI Rishtey' के विशेष लाभ
​यह लाभ Gold और उससे ऊपर की श्रेणी (NMI > 25000) वालों के लिए है:
​कर्मचारी के परिवार के अधिकतम 4 सदस्यों के लिए जीरो बैलेंस (Zero Balance) खाते की सुविधा।  
​परिवार के इन 4 सदस्यों के लिए ₹5 लाख तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर।  
​परिवार के सदस्यों के लिए लॉकर शुल्क में 10% की छूट।  
​4. लोन सुविधाओं में विशेष रियायतें
​सैलरी अकाउंट होल्डर्स को होम लोन (Home Loan), कार लोन (Car Loan), और पर्सनल लोन (Personal Loan) आदि में ब्याज दरों और प्रोसेसिंग शुल्क (Processing Fee) में विशेष छूट मिलेगी।  
​महत्वपूर्ण सूचना: लाभ कैसे लें?
​इन सभी शानदार सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों का SBI सैलरी अकाउंट, 'State Government Salary Package' (SGSP) के अंतर्गत कन्वर्ट या टैग (Tag) होना अनिवार्य है। खाता SGSP में टैग होने के बाद ही कर्मचारी उपरोक्त सभी मुफ्त बीमा और बैंकिंग लाभों का फायदा उठा सकेंगे।  

Monday, 5 October 2026

एनएचएम संविदा कर्मियों के मानदेय भुगतान को लेकर सख्त निर्देश, हर माह की 1 तारीख को वेतन देने का आदेश जारी

राजस्थान सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) निदेशालय ने संविदा कर्मियों के मासिक मानदेय भुगतान में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाया है। एनएचएम के मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम द्वारा 5 अक्टूबर 2026 को एक सख्त 'स्मरण आदेश' (कार्यालय आदेश) जारी किया गया है।
  
आदेश के अनुसार, पूर्व में 27 अगस्त 2026 को जारी निर्देशों के बावजूद राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर मानदेय भुगतान की समय-सीमा का पालन नहीं किया जा रहा था, जिससे कर्मचारियों को वेतन मिलने में अनावश्यक विलंब हो रहा था। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए निदेशालय ने भुगतान प्रक्रिया को समयबद्ध करने के लिए निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:  
हर महीने की 21 तारीख को संविदा कर्मियों के मानदेय भुगतान की कार्यवाही अनिवार्य रूप से प्रारम्भ की जानी चाहिए।  
कार्यवाही शुरू होने के आगामी 02 दिवस के भीतर 'SNA-SPARSH' पोर्टल पर मानदेय/वेतन स्वीकृति आदेश और बिल का इन्द्राज सुनिश्चित किया जाना चाहिए।  
इस प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया जाए ताकि हर माह की 01 तारीख को संविदा कर्मियों का मानदेय/वेतन भुगतान सुनिश्चित हो सके।  
निर्धारित अवधि तक मानदेय का भुगतान नहीं होने की स्थिति में संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।  
यह आदेश चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, स्वास्थ्य भवन (जयपुर) से जारी किया गया है। इसे प्रदेश के सभी संयुक्त निदेशकों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO), जिला प्रजनन एवं शिशु अधिकारियों, और सभी ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों सहित संबंधित विभागों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित कर दिया गया है।  

राजस्थान पंचायत चुनाव: आचार संहिता लागू, निर्वाचन आयोग ने तबादलों और नियुक्तियों पर जारी किया अहम आदेश

राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव की घोषणा 3 अक्टूबर 2026 को की जा चुकी है। इस घोषणा के साथ ही प्रदेश के संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) पूरी तरह से प्रभावी हो गई है। आचार संहिता लागू होने के बीच, राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को प्रशासनिक कार्यों, तबादलों और नई नियुक्तियों को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।  

7 अक्टूबर तक तबादले के आदेशों की पालना के निर्देश:
मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव राजेश वर्मा द्वारा जारी इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आम चुनाव की घोषणा से पूर्व जिन अधिकारियों या कर्मचारियों के स्थानांतरण (तबादले) और पदस्थापन के आदेश जारी किए जा चुके हैं, उनकी पालना 7 अक्टूबर 2026 तक आवश्यक रूप से सुनिश्चित की जाए।  

प्रक्रियाधीन भर्तियों में मिली बड़ी राहत:
इसके अतिरिक्त, निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रक्रियाधीन भर्तियों में भी राहत दी है। आदेश के अनुसार, वर्तमान में चल रही (प्रक्रियाधीन) भर्तियों में रिक्त पदों पर पदस्थापन किए जाने के संबंध में आयोग द्वारा शिथिलता (छूट) दी गई है। इसका अर्थ है कि जो भर्तियां पहले से चल रही हैं, उनमें खाली पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ रहेगा।  

राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी संबंधित विभागों को उक्तानुसार तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश की प्रतिलिपि राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, सभी संभागीय आयुक्तों और सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (कलेक्टर) सहित अन्य संबंधित शीर्ष अधिकारियों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु भेज दी गई है।  

RBSE 10th Board New Exam Pattern: अब साल में दो बार होंगी 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं, जानिए नए नियम और अंक सुधार प्रक्रिया

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान (RBSE) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) की मंशा के अनुरूप शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 10वीं और प्रवेशिका परीक्षा के पैटर्न में ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में तनावमुक्त वातावरण देने और प्रदर्शन सुधारने के लिए साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित की जाएगी।
  
​महत्वपूर्ण बदलाव और मुख्य बिंदु:
​दो चरणों में बोर्ड परीक्षा:
​प्रथम चरण (मुख्य परीक्षा): माह फरवरी–मार्च में आयोजित की जाएगी।  
​द्वितीय चरण (सुधारात्मक परीक्षा / Improvement Exam): माह मई में आयोजित की जाएगी।  
अधिकतम 3 विषयों में अंक सुधार का अवसर:
​मुख्य परीक्षा में पास होने वाले विद्यार्थी अपने अंकों को बेहतर करने के लिए अधिकतम 3 विषयों में सुधारात्मक परीक्षा दे सकेंगे।  

​उच्चतर अंक (Best Marks) होंगे मान्य:
​मुख्य और द्वितीय दोनों परीक्षाओं में से जिस परीक्षा में विषयवार अंक अधिक (बेहतर) होंगे, उन्हें ही अंतिम परिणाम में शामिल किया जाएगा।  
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मार्कशीट पर नहीं लिखा जाएगा 'Fail' या 'Supplementary':
​बोर्ड ने पूरक (Supplementary) परीक्षा की पुरानी व्यवस्था समाप्त कर दी है।  
​अब मार्कशीट पर "पूरक" या "अनुत्तीर्ण" (Fail) शब्द अंकित नहीं होगा। इसके स्थान पर न्यूनतम उत्तीर्ण अंक न लाने वाले विषयों के लिए Essential Improvement (EI) तथा तीन से अधिक विषयों में अनुत्तीर्ण रहने पर Essential Repeat (ER) अंकित किया जाएगा।  

​क्लास 11वीं में प्रोविजनल एडमिशन:
​मुख्य परीक्षा का परिणाम Raj-e-Vault पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे विद्यार्थी कक्षा 11वीं में अस्थायी (Provisional) प्रवेश ले सकेंगे। सुधारात्मक परीक्षा परिणाम के बाद प्रवेश स्थायी कर दिया जाएगा।  

​सत्रांक (Sessional Marks) और आंतरिक मूल्यांकन:
​आंतरिक मूल्यांकन और शाला द्वारा सत्रांक मुख्य परीक्षा के समय केवल एक बार ही लिए जाएंगे। स्वयंपाठी परीक्षार्थियों के लिए यह दोनों परीक्षाओं के उच्चतर अंकों के अनुपात में तय होंगे।  
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विद्यार्थियों के लिए क्या हैं इसके फायदे?
​कम होगा मानसिक तनाव: एक बार परीक्षा खराब होने पर पूरा साल बर्बाद होने का डर खत्म होगा।

​अंक सुधार का तुरंत मौका: विद्यार्थी 1-2 महीने के भीतर ही कम अंक वाले विषयों में तैयारी कर बेहतर स्कोर बना सकेंगे।

​भविष्य की पढ़ाई में रुकावट नहीं: 11वीं कक्षा में समय पर दाखिला लेकर पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रखी जा सकेगी।

Sunday, 4 October 2026

नर्सिंग और पैरामेडिकल भर्ती: टीम भरतपुर ने मुख्य सचिव को सौंपा ज्ञापन, मेरिट + बोनस (10, 20, 30) पर भर्ती का मिला आश्वासन

नर्सिंग और पैरामेडिकल संवर्ग की स्थायी भर्तियों का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक बेहद सकारात्मक खबर सामने आई है। आज टीम भरतपुर के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव महोदय से विशेष मुलाकात की और आगामी भर्तियों के संबंध में एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा।

इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य नर्सिंग और पैरामेडिकल कर्मचारियों की परमानेंट भर्तियों को जल्द से जल्द जारी करवाना था। टीम भरतपुर ने प्रमुखता से यह मांग रखी है कि आगामी भर्तियां पूर्ण रूप से 'मेरिट प्लस बोनस अंक (10, 20, 30)' के आधार पर ही आयोजित की जाएं, ताकि लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे अनुभवी कर्मचारियों को इसका उचित लाभ मिल सके।

मुख्य सचिव महोदय का स्पष्ट और सकारात्मक आश्वासन:
ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य सचिव महोदय के साथ हुई वार्ता बेहद सफल और उम्मीद जगाने वाली रही। वार्ता के अंश साझा करते हुए टीम ने बताया कि मुख्य सचिव महोदय ने पूरी दृढ़ता और आत्मीयता के साथ अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में अभ्यर्थियों से कहा—
"मुझ पर विश्वास रखें, मैं स्पष्ट शब्दों में बोल रहा हूँ। मैं स्वयं इसी विषय पर कार्य कर रहा हूँ। भर्ती आपके लिए बहुत जल्द आएगी, आप सभी निश्चिंत रहें।"

निष्कर्ष:
मुख्य सचिव महोदय द्वारा दिए गए इस मजबूत और स्पष्ट आश्वासन के बाद, टीम भरतपुर ने पूरे दावे के साथ यह उम्मीद जताई है कि आगामी भर्तियां निश्चित रूप से मेरिट और बोनस अंकों के आधार पर ही जारी होंगी। इस खबर से प्रदेश भर के उन हजारों संविदा और अस्थाई स्वास्थ्य कर्मियों में खुशी की लहर है, जो लंबे समय से स्थायी भर्ती की राह देख रहे हैं।